
चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सोमवार का दिन पश्चिम बंगाल में बवाल भरा रहा।
जहाँ संसद में विपक्ष ने SIR के खिलाफ हंगामा किया, वहीं कोलकाता में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और दफ्तर का घेराव करने की कोशिश की।
BLO की नाराज़गी—“अत्यधिक दबाव, खराब सुरक्षा, 5 मौतें!”
BLO अधिकार रक्षा समिति ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान अत्यधिक दबाव, खराब कार्य स्थितियां, सुरक्षा की अनदेखी ने उनकी स्थिति बेहद कठिन बना दी है।
समिति का दावा है कि SIR शुरू होने के बाद 5 BLO की मौत हो चुकी है, जिससे असंतोष और बढ़ गया है। इसी के चलते BLO सड़क पर उतरे और आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विरोध जताया।
विपक्ष के हमले और TMC vs BJP की नई लड़ाई
BLO के प्रदर्शन के बीच राजनीतिक तापमान भी चढ़ गया। BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने प्रदर्शन को “BLO नहीं, TMC वर्कर्स का प्रोटेस्ट” बताया। वहीं अग्निमित्रा पॉल ने कहा— “ममता बनर्जी SIR के नाम पर देश में ड्रामा कर रही हैं, 2026 में जनता जवाब देगी।”
इस बयानबाजी ने संघर्ष को और तीखा बना दिया।
SIR का बड़ा अपडेट—बंगाल में 7.66 करोड़ वोटरों में तेज़ी से वेरिफिकेशन
SIR फिलहाल 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है। बंगाल में आंकड़े चौंकाने वाले हैं—

- कुल वोटर: 7,66,37,000
- वितरित फॉर्म: 7,65,52,000
- डिजिटाइज्ड डेटा: 7,29,93,000
पिछले 11 वर्षों में बंगाल में
- 1.41 करोड़ नए वोटर जुड़े
- 62 लाख नाम हटाए गए
इसी वजह से चुनाव के ठीक पहले चल रहा SIR विवाद का बड़ा कारण बन गया है।
Election Commission ने बढ़ाई डेडलाइन—अब 11 दिसंबर तक मौका
बढ़ती नाराज़गी और विरोध को देखते हुए चुनाव आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी है— फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख: 11 दिसंबर, ड्राफ्ट लिस्ट: 16 दिसंबर, फाइनल वोटर लिस्ट: 14 फरवरी 2026
EC ने कहा कि सभी राज्यों में SIR को “सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी” तरीके से पूरा करना प्राथमिकता है।
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